बीकानेर ट्रेड फेयर एक्सपो में “जॉब वर्सेस बिजनेस” वाद–विवाद, युवाओं ने करियर को लेकर रखे ठोस तर्क

बीकानेर, 9 जनवरी 2026। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल द्वारा पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान परिसर में आयोजित बीकानेर ट्रेड फेयर एक्सपो के दूसरे दिन लोक राग फाउंडेशन की ओर से “जॉब वर्सेस बिजनेस” विषय पर वाद–विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर नौकरी और व्यवसाय दोनों करियर विकल्पों पर अपने तर्क, अनुभव और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने यह स्पष्ट किया कि बदलते समय में करियर चयन केवल परंपरा नहीं, बल्कि समझ, अध्ययन और आत्ममूल्यांकन पर आधारित होना चाहिए।



प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. गौरव बिस्सा, डॉ. मनोज बजाज, कुमार विप्लव और मितेश खत्री ने निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषय की समझ, तथ्य और तर्क, प्रस्तुति एवं समय प्रबंधन, भाषा एवं शालीनता तथा आत्मविश्वास जैसे मापदंडों पर करते हुए कुल अंक प्रदान किए।

इस आयोजन में एसपीएमसी मेडिकल कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, आईएमएस गर्ल्स कॉलेज, सिस्टर निवेदिता गर्ल्स कॉलेज, जैन पीजी गर्ल्स कॉलेज, जैन कॉलेज, सेठ तोलाराम बाफना स्कूल, श्री जैन पब्लिक स्कूल और सरदूल फोर्ट स्कूल की विशेष भागीदारी रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पी एस वोहरा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अनिल पुरोहित, सुरेंद्र कोचर और रामेश्वर लाल विश्नोई उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. पी एस वोहरा ने प्रतिभागियों को दोनों विषयों पर तार्किक और संतुलित विचार रखने के लिए बधाई दी और कहा कि करियर का चुनाव करते समय सोच स्पष्ट होनी चाहिए।

दौरान व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी ने अपने उद्बोधन में जीवन के व्यापारिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे नौकरी से जुड़े मानसिक दबाव को भी समझते हैं और उस संतोष को भी जानते हैं जो परिवार के साथ सुबह–शाम समय बिताने से मिलता है। उन्होंने कहा कि व्यापार में एक तरह की आज़ादी अवश्य होती है, लेकिन यह आज़ादी किस कीमत पर मिलती है, इसका अंदाज़ा बहुत कम लोग लगा पाते हैं, क्योंकि व्यवसाय में माता–पिता, पत्नी और बच्चों के साथ निरंतर सानिध्य का सुख अक्सर सीमित रह जाता है।

प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों के बाद निर्णायकों ने विशेष उद्बोधन दिया। प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. गौरव बिस्सा ने छात्रों के तर्क, विचार और मंचीय अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि गहरी सोच, नियमित अध्ययन और सही संसाधनों के उपयोग से बीकानेर के युवा राष्ट्रीय स्तर के मंचों तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने अध्ययन संसाधनों और आत्मविकास पर भी मार्गदर्शन दिया।

मुख्य अतिथि और निर्णायक डॉ. मनोज बजाज ने जॉब और बिजनेस की तुलना एक पेड़ से करते हुए कहा कि कोई भी एक-दूसरे से अलग नहीं है। दोनों एक-दूसरे को पोषित करते हैं और किसी एक के बिना दूसरा अधूरा है, इसलिए जो भी करियर चुना जाए, उसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना जरूरी है।

विशिष्ट अतिथि और निर्णायक कुमार विप्लव ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पीएमओ में कार्य करने का अनुभव अच्छा रहा, लेकिन मन में कुछ अलग करने की इच्छा थी। बीकानेर आकर बच्चों को उनके सपनों का रास्ता दिखाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जो भी करें, दिल से करें, चाहे वह नौकरी हो या व्यवसाय।

उद्यमी मितेश खत्री ने कहा कि उन्होंने व्यवसाय शुरू करने से पहले कई वर्षों तक नौकरी की, अनुभव प्राप्त किया और फिर इस स्तर तक पहुंचे। नौकरी को नींव और व्यवसाय को इमारत बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों की उपयोगिता समझना जरूरी है।

विशिष्ट अतिथि ज्योतिषाचार्य अनिल पुरोहित ने कहा कि उनके संपर्क में ऐसे लोग भी हैं जो नौकरी में रहते हुए बड़े स्तर तक पहुंचे और ऐसे व्यवसायी भी हैं जिनका दायरा छोटा या बड़ा हो सकता है। बेहतर यही है कि व्यक्ति अपने स्वभाव को समझे और अध्ययन के माध्यम से अपनी योग्यता बढ़ाए। सुरेंद्र कोचर और रामेश्वर लाल विश्नोई ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए बीकानेर का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दीं।

प्रतियोगिता में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने ट्रेड फेयर एक्सपो के माहौल को और जीवंत बना दिया। लोक राग फाउंडेशन की इस पहल को उपस्थित दर्शकों और अभिभावकों ने भी सराहा और इसे युवाओं के लिए मार्गदर्शक बताया।

आयोजन के समापन अवसर पर सभी बच्चों को विनर ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं बिकाजी की ओर से गिफ्ट हैम्पर दिए गए। इस अवसर पर बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के सचिव संजय जैन सांड, मनोज सोलंकी भोज एडवरटाइजिंग , वरिष्पट पदाधिकारी जनक हर्ष, की विशेष उपस्तिथि रही. 

आयोजन के दौरान लोक राग फाउंडेशन के निदेशक आनंद आचार्य ने लोक राग का परिचय देते हुए संगठन की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोक राग का उद्देश्य आमजन को जोड़ते हुए विभिन्न विषयों पर एक सहयोगात्मक मंच तैयार करना है, जहाँ शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सौहार्द जैसे जनहित से जुड़े विषयों पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके साथ-साथ व्यापार, कला और संस्कृति जैसे आवश्यक क्षेत्रों में भी लोक राग उसी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ सक्रिय है, ताकि समाज के हर वर्ग तक सकारात्मक संदेश और अवसर पहुँच सकें। 

वाद-विवाद प्रतियोगिता का मंच संचालन RJ उमंग ने प्रभावशाली और संतुलित ढंग से किया।

आयोजन को सफल बनाने में लोक राग फाउंडेशन के निदेशक नरेश मारू, योगेश खत्री, निखिल स्वामी और विनय थानवी की विशेष भूमिका रही, जिनके समन्वय और प्रयासों से पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित और प्रभावी रूप से संपन्न हुआ।