गोचर बचाने को कलाकार बने गाय, ढोल-नगाड़ों संग पहुंचे कलेक्ट्री
बीकानेर, 17 सितंबर। बीकानेर में गोचर भूमि के मुद्दे को लेकर जहां मास्टर प्लान के जरिए इन्हें खत्म करने की तैयारी की जा रही है, वहीं शहर की सड़कों पर मवेशियों के बेधड़क घूमने से लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम इस ओर कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा। इसी उपेक्षा को लेकर बीकानेर के संवेदनशील कलाकारों ने सोमवार को एक अनूठे तरीके से प्रशासन का ध्यान खींचा। लोकनायक शहीद भगत सिंह संस्थान के अध्यक्ष राजकुमार राजपुरोहित के नेतृत्व में कलाकार डॉ. मोना सरदार डूडी और मास्टर मुकेश जोशी संचिहार कोटगेट से गाय का वेश धारण कर ढोल-नगाड़ों के साथ कलेक्ट्री पहुंचे। हालांकि कलेक्टर और बीडीओ अपने कैंप कार्यालय में मौजूद थे, जहां जाकर कलाकारों ने जिला कलेक्टर नम्रता वैष्णवी, बीडीओ और कमिश्नर को आपत्ति ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कमिश्नर ने कहा कि “आदमी रहेगा तो गाय रहेगी, इसलिए आदमी को डेवलप कर रहे हैं, संतुलन जरूरी है।” इस पर कलाकारों ने स्पष्ट कहा कि संतुलन प्रकृति बनाती है और प्रकृति के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोचर बचाने के लिए 19 सितंबर को सुबह 11 बजे कचहरी परिसर में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि इस दिन वही नेता आगे आएगा जिसने शुरू से इस आंदोलन का दिल से साथ दिया है। यदि कोई नेता केवल भाषण देने और क्रेडिट लेने पहुंचा तो जनता उसे स्वीकार नहीं करेगी। आयोजकों ने अपील की है कि जनता इस आंदोलन में एकजुट होकर शामिल हो और गोचर बचाने की आवाज को और बुलंद करे।