बीकानेर में भारतीय नव वर्ष समाजोत्सव के रूप में मनाने की तैयारी, 19 मार्च को निकलेगी भव्य धर्मयात्रा
बीकानेर, 6 मार्च। भारतीय नव वर्ष समारोह समिति, बीकानेर महानगर की ओर से 19 मार्च को धर्मयात्रा निकाली जाएगी।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भारतीय संस्कृति में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को अत्यंत शुभ और पवित्र दिवस माना जाता है और इसी दिन से विक्रम संवत 2083 का प्रारंभ होगा। भारतीय परंपरा में यह दिन नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। यह केवल कैलेंडर परिवर्तन का अवसर नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और सामाजिक जीवन में नए उत्साह का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। यही दिन हिंदू चंद्र पंचांग की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है और वसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति के नव जागरण का संदेश देता है। परंपरागत रूप से इस दिन नीम की पत्तियां, गुड़ और कच्चे आम का सेवन किया जाता है, जो जीवन के कड़वे, मीठे और खट्टे अनुभवों का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार सम्राट विक्रमादित्य ने भी इसी दिन शकों पर विजय प्राप्त कर विक्रम संवत की शुरुआत की थी। इसी तिथि से चैत्र नवरात्रि का आरंभ होता है और भगवान श्रीराम के जन्म माह का भी यही समय माना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस पर्व को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा तथा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में उगादी।
समिति ने बताया कि बीकानेर महानगर में सर्व हिन्दू समाज, विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, युवा संगठनों तथा मातृशक्ति के सहयोग से इस वर्ष भारतीय नव वर्ष को समाजोत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर जोड़ना, भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव की भावना को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य से भारतीय नव वर्ष समारोह समिति, बीकानेर महानगर का गठन किया गया है। समिति के अध्यक्ष के रूप में प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी गणेश बोथरा को दायित्व दिया गया है। उपाध्यक्ष के रूप में राजेश चूरा तथा रामलाल कुम्हार को जिम्मेदारी दी गई है। महामंत्री के रूप में भंवर पुरोहित और नवीन सिंह कार्य करेंगे। कोषाध्यक्ष के रूप में मनोहर स्वामी तथा सह-कोषाध्यक्ष के रूप में किशोर बांठिया को दायित्व सौंपा गया है। समिति के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
समिति के अनुसार समाज में व्यापक सहभागिता और उत्साह का वातावरण बनाने के लिए 4 मार्च से 10 मार्च 2026 तक महानगर की विभिन्न बस्तियों और मोहल्लों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में होली स्नेह मिलन, नुक्कड़ बैठकों का आयोजन, मोहल्ला स्तर पर सजावट, घरों में दीप प्रज्वलन तथा शंखनाद जैसे आयोजन शामिल होंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को भारतीय नव वर्ष के महत्व से जोड़ने और अधिक से अधिक नागरिकों को इस उत्सव में सहभागी बनाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक मोहल्ले से आकर्षक धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां तैयार कर धर्मयात्रा में शामिल करने की योजना भी बनाई गई है।
भारतीय नव वर्ष समारोह समिति के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन 7 मार्च 2026, शनिवार को सायं 6:15 बजे जसोदा भवन, गोकुल सर्विस, बीकानेर में किया जाएगा। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी रखा गया है, जिसमें शहर के विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से आगामी आयोजनों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी और समाज के विभिन्न वर्गों को इन कार्यक्रमों से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा।
भारतीय नव वर्ष के मुख्य आयोजन के रूप में 19 मार्च 2026 को बीकानेर महानगर में भव्य धर्मयात्रा निकाली जाएगी। यह धर्मयात्रा पूर्व निर्धारित मार्ग से एम.एम. ग्राउंड से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जूनागढ़ पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाज के लोगों द्वारा स्वागत, तिलक और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी। इस धर्मयात्रा में विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, युवाओं, मातृशक्ति तथा विभिन्न समाजों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक झांकियां और धार्मिक वातावरण के साथ यह आयोजन पूरे शहर में आस्था, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकता का संदेश देगा।
समिति ने बीकानेर महानगर के सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर भगवा ध्वज लगाकर भारतीय नव वर्ष का स्वागत करें, घरों में दीप प्रज्वलित करें और परिवार सहित धर्मयात्रा में शामिल होकर इस आयोजन को भव्य और सफल बनाएं।